भारतीय समाज और घरेलू हिंसा - वर्तमान स्थिति
Abstract
घरेलू हिंसा केवल मात्र एक व्यवहार नहीं है बल्कि एक प्रक्रिया भी है। ऐसी प्रक्रिया जिससे शोषित व्यक्ति की मानसिक और शारीरिक स्थिति खराब हो सकती है। घरेलू हिंसा केवल भारत में ही नहीं वरन विश्व के बहुत से देशों में देखी गई है। एक ऐसा व्यवहार जिसका नुकसान महिलाओं को किसी न किसी रूप में भुगतना पड़ता है। महिलाओं को इस शोषण से मुक्त करने के लिए सरकार ने बहुत से उपायों को लागू किया परंतु फिर भी इस समस्या का समाधान नहीं हो सका। जब तक महिलाएं स्वयं शिक्षित और जागरूक नहीं होंगी । तब तक वे इस समस्या से निजात नहीं पा सकती।भारतीय समाज में घरेलू हिंसा एक जटिल और गहरी समस्या है, जो सामाजिक संरचनाओं, सांस्कृतिक मान्यताओं और कानूनी ढांचे से प्रभावित होती है। घरेलू हिंसा के विविध स्वरूप और इसके समाज पर प्रभाव का अध्ययन करके, इस समस्या के समाधान के लिए आवश्यक कदम उठाए जा सकते हैं। इस शोध पत्र का उद्देश्य भारतीय समाज में घरेलू हिंसा की वर्तमान स्थिति का विश्लेषण करना है।
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Published
2007-2025
How to Cite
रवि देव and डाॅ. नजमा खातून. (2026). भारतीय समाज और घरेलू हिंसा - वर्तमान स्थिति. International Journal of Economic Perspectives, 19(9), 1–5. Retrieved from https://ijeponline.com/index.php/journal/article/view/1083
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Articles









