स्थानीय स्वशासन में महिला प्रतिनिधियों की प्रमुख समस्याओं का अध्ययन (उत्तराखंड के उत्तरकाशी जनपद के विशेष संदर्भ में)

Authors

  • डॉ0 पवन कुमार

Abstract

 भारत में पंचायती राज एवं नगरीय स्थानीय निकायों में महिलाओं को संवैधानिक आरक्षण प्रदान किए जाने के बाद राजनीतिक क्षेत्र में उनकी भागीदारी में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। संविधान के 73वें एवं 74वें संशोधनों के माध्यम से महिलाओं को स्थानीय स्वशासन संस्थाओं में न्यूनतम 33 प्रतिशत आरक्षण प्रदान किया गया, जिसे अनेक राज्यों में बढ़ाकर 50 प्रतिशत तक कर दिया गया है। इस व्यवस्था ने महिलाओं को राजनीतिक सशक्तिकरण का अवसर प्रदान किया है तथा निर्णय-निर्माण प्रक्रिया में उनकी भागीदारी सुनिश्चित की है।

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Published

2007-2025

How to Cite

डॉ0 पवन कुमार. (2026). स्थानीय स्वशासन में महिला प्रतिनिधियों की प्रमुख समस्याओं का अध्ययन (उत्तराखंड के उत्तरकाशी जनपद के विशेष संदर्भ में). International Journal of Economic Perspectives, 20(5), 12–20. Retrieved from https://ijeponline.com/index.php/journal/article/view/1110

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